पटना के सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में बच्चे की किडनी रोग से जुड़ी एक दुर्लभ बीमारी का मामला सामने आया, जिसे जानेमाने यूरोलॉजिस्ट और एडवांस लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ कुमार राजेश रंजन ने ठीककर बच्चे की जान बचाई। बच्चा अभी काफी छोटा है, इसलिए फिलहाल उसकी सर्जरी नहीं की जा सकती है। हालांकि, डॉ राजेश से कैथेटर लगाकर किडनी खराब होने से बचा लिया। इस बारे में डॉ कुमार राजेश रंजन ने बताया कि बच्चों में कई बार जन्मजात बीमारी होती है, जिसका पता जन्म से पहले नहीं चल पाता है।
बच्चे की पेशाब की थैली से नीचे के रास्ते (यूरेथ्रा) में ब्लॉकेज (पीयू वाल्व के कारण) की वजह से पेशाब की निकासी धीमी गति से हो रही थी। किडनी पर पेशाब की निकासी के दौरान अतिरिक्त दबाव पड़ रहा था। किडनी में सूजन आ गई थी। चूंकि यह बच्चा महज 17 दिन का था, इसलिए एनेस्थिसिया (सर्जरी से पूर्व बेहोशी की प्रक्रिया) नहीं दिया जा सकता है। इसलिए उसके यूरेथ्रा के पास कैथेटर लगाया गया है, जिससे कि उसके किडनी में बनने वाला पेशाब बाहर निकाला जा सके। इससे सूजन में कमी आएगी। जब वह बच्चा सर्जरी के लायक हो जाएगा, तब उसके यूरेथ्रा के वॉल्व की सर्जरी दूरबीन विधि से कर ब्लॉकेज को ठीक कर दिया जाएगा।
डॉ रंजन ने बताया कि गर्भ के दौरान होने वाली समस्याओं के कारण कई बच्चों के शारीरिक अंग सही से विकसित नहीं हो पाते हैं या फिर उसमें ब्लॉकेज की समस्या आ जाती है। अल्ट्रासाउंड के दौरान इसका पता नहीं चल पाता है, पर जन्म लेने के बाद नवजात को उस समस्या से जूझना पड़ता है। ऐसे में माता-पिता जागरूक हों तो तुरंत डॉक्टर के पास लेकर आते हैं, जिससे ससमय उनका इलाज संभव हो पाता है।
डॉ कुमार राजेश रंजन पटना के आशियाना-दीघा रोड के मजिस्ट्रेट कॉलोनी स्थित सत्यदेव सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मरीजों को देखते हैं। यह अस्पताल फिलवक्त यूरोलॉजी या मूत्र रोग संबंधी समस्या के लिए डेडीकेटेड है। यहां किडनी, प्रोस्टेट, मूत्र प्रणाली, बांझपन संबंधी सभी तरह की बीमारियों का इलाज एडवांस लेप्रोस्कोपिक विधि से होता है।

