Sadar Hospital Ranchi: रांची के सदर अस्पताल में चिकित्सा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई है। पहली बार 50 वर्षीय महिला सुनीता देवी, जो कचहरी, रांची की निवासी हैं, की बिना चीरे के माइक्रोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी सफलतापूर्वक की गई। यह सर्जरी अत्यंत जटिल मानी जाती है और आमतौर पर बड़े प्राइवेट अस्पतालों में ही संभव होती है। हालांकि, सदर अस्पताल के न्यूरोसर्जन डॉ. अशोक मुंडा और सीनियर एनेस्थेटिस्ट डॉ. चंदन कुमार झा की मेहनत से ये पेचीदा सर्जरी सफल हुई।
सुनीता देवी की रीढ़ की हड्डी (Spinal Cord) बीच और नीचे से क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे वह अत्यधिक पीड़ा में थीं और चलने-फिरने में असमर्थ थी। उनकी यह सर्जरी सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार के नेतृत्व में न्यूरोसर्जन डॉ. अशोक मुंडा, डॉ. चंदन कुमार झा (सीनियर एनेस्थेटिस्ट) और उनकी विशेषज्ञ टीम – नीरज कुजूर, अंकित और न्यूरो सर्जरी सहायक द्वारा की गई।
इस सर्जरी की सबसे खास बात यह रही कि इसे माइक्रोस्कोप की सहायता से बहुत ही छोटा सा छेद कर अंजाम दिया गया, जिससे मरीज को जल्दी राहत और रिकवरी में मदद मिली। यह तकनीक अब तक केवल मेट्रो सिटी के बड़े अस्पतालों में ही उपलब्ध थी।
सुनीता देवी का संबंध एक अत्यंत गरीब परिवार से है और उनके पास किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने की आर्थिक क्षमता नहीं थी। ऐसे में सदर अस्पताल रांची में नि:शुल्क इलाज से उनको नया जीवन मिला है। ऑपरेशन के बाद अब सुनीता देवी की हालत स्थिर और बेहतर है। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार और पूरी चिकित्सकीय टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया।


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