नई दिल्ली। यदि आप योग को स्वास्थ्य के साथ प्रोफेशन के रूप में भी अपनाना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है।
मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान, नई दिल्ली (Morarji Desai National Institute of Yoga), जिसे एमडीएनआईवाई के नाम से भी जाना जाता है ने अपने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न योग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। यह संस्थान आयुष मंत्रालय (Ministry of Ayush), भारत सरकार के अंतर्गत कार्य करता है। यह योग शिक्षा के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र माना जाता है।
आवश्यक पात्रता :
जारी सूचना के अनुसार, BSc. बीएससी (योग) कार्यक्रम में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों का 10+2 या समकक्ष परीक्षा में मान्यता प्राप्त बोर्ड से उत्तीर्ण होना आवश्यक है। साथ ही, न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक भी होना चाहिए। वहीं, MSc. एमएससी (योग) पाठ्यक्रम के लिए अभ्यर्थियों के पास बीएससी (योग) की डिग्री या विज्ञान, मेडिकल, पैरामेडिकल अथवा फिजियोथेरेपी में स्नातक डिग्री होना जरूरी है। इस पाठ्यक्रम में भी न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक की शर्त रखी गई है।
इसके अतिरिक्त, पीजीडीवाईटीएमपी (PGDYTMP) पाठ्यक्रम के लिए मेडिकल, पैरामेडिकल या फिजियोथेरेपी में कम से कम चार वर्षीय स्नातक डिग्री धारक अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। इस कोर्स के लिए भी न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक हैं।
संस्थान Guru Gobind Singh Indraprastha University, नई दिल्ली से संबद्ध है, जिससे छात्रों को मान्यता प्राप्त डिग्री प्राप्त होती है। एमडीएनआईवाई द्वारा संचालित ये पाठ्यक्रम न केवल योग के सैद्धांतिक ज्ञान बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण पर भी विशेष जोर देते हैं, जिससे छात्रों के लिए स्वास्थ्य एवं वेलनेस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलते हैं।
इच्छुक अभ्यर्थी समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें और पात्रता मानदंडों की पूरी जानकारी संस्थान की आधिकारिक https://www.yogamdniy.nic.in/ वेबसाइट से प्राप्त करें। योग के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच यह पाठ्यक्रम युवाओं के लिए एक बेहतर करियर विकल्प के रूप में उभर रहा है।

योग के कैरियर में सम्मान के साथ पैसा भी:
योग आज केवल एक स्वास्थ्य अभ्यास नहीं, बल्कि तेजी से उभरता हुआ करियर विकल्प बन चुका है। यदि प्रोफेशनल कोर्स और प्रैक्टिस को निष्ठापूर्वक पूरा कर लिया जाए तो इस पेशे में पैसा के साथ सम्मान भी काफी मिलता है। योग को जबसे अंतरराष्ट्रीय दर्जा मिला है तब से योग को अपनी खोई हुई शाख फिर से मिलने लगी है। साथ ही इससे योग विद्यार्थियों के लिए कैरियर के रास्ते भी खुले हैं।
Ministry of Ayush और World Health Organization जैसे संस्थानों द्वारा योग और वेलनेस को बढ़ावा मिलने से इस क्षेत्र में अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। योग में करियर बनाने के लिए बी.एससी (योग), एम.एससी (योग), पीजी डिप्लोमा जैसे प्रोफेशनल कोर्स किए जा सकते हैं। इन कोर्सों के माध्यम से व्यक्ति योग के सिद्धांत, प्राणायाम, ध्यान और थेरेपी की गहरी समझ हासिल करता है।
करियर के रूप में योग प्रशिक्षक (Yoga Instructor), योग थेरेपिस्ट, वेलनेस कोच, रिसर्चर, या फिटनेस कंसल्टेंट जैसे कई विकल्प उपलब्ध हैं। अस्पतालों, वेलनेस सेंटर, स्कूल, कॉर्पोरेट सेक्टर और यहां तक कि विदेशों में भी योग विशेषज्ञों की मांग तेजी से बढ़ रही है। अगर आप अनुशासन, स्वास्थ्य और लोगों की मदद करने में रुचि रखते हैं, तो योग आपके लिए एक स्थिर और सम्मानजनक करियर साबित हो सकता है।

