झारखंड और मध्यप्रदेश की ग्रामीण आदिवासी महिलाओं को उद्यमिता से जोड़ने का लगातार प्रयास हो रहा है। इससे उनको आर्थिक रूप से मजबूत करने के साथ ही सामाजिक और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सशक्त बनाने का प्रयास हो रहा है। इसी के तहत ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) ने इस सप्ताह मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग के सदस्य-सचिव सुरेश तोमर की उपस्थिति में अपने तीन वर्षीय प्रमुख कार्यक्रम ‘मेरा भारत’ की शुरुआत की। यह पहल न केवल महिलाओं को उद्यमी बनने का अवसर देगी, बल्कि उन्हें वित्तीय समझ, सामाजिक जागरूकता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देकर स्वयं के विकास के लिए सक्षम भी बनाएगी।

इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल व्यवसाय से नहीं, बल्कि जीवन के हर पहलू में सक्षम बनाना है।
इसमें शामिल है:
इसमें शामिल है:
वित्तीय सशक्तिकरण: पैसों का प्रबंधन, बचत, निवेश और बैंकिंग की समझ
सामाजिक सशक्तिकरण: अधिकारों की जानकारी, आत्मविश्वास, नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता
स्वास्थ्य जागरूकता: पोषण, स्वच्छता, मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षित मातृत्व जैसी आवश्यक जानकारी
इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुरेश तोमर ने कहा,
“जब ग्रामीण महिलाएँ आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होती हैं, तो पूरा परिवार और समाज आगे बढ़ता है। TRI का यह प्रयास महिलाओं में जागरूकता और आत्मविश्वास दोनों बढ़ाएगा।”
महिलाओं को सतत सहयोग प्रदान करने के लिए TRI 14 WOW Hubs स्थापित कर रहा है। ये केंद्र महिलाओं को प्रशिक्षण, मार्गदर्शन, बाज़ार से जुड़ाव, वित्तीय सहायता और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श उपलब्ध कराएंगे। उद्देश्य है कि महिलाएँ अपने व्यवसाय के साथ-साथ अपनी स्वास्थ, सुरक्षा और सामाजिक स्थिति को लेकर भी जागरूक हों।
TRI की प्रवक्ता अलीवा दास ने कहा,
“मेरा भारत एक ऐसा आंदोलन है जिससे ग्रामीण महिलाएँ न सिर्फ उद्यमी बनेंगी, बल्कि अपने जीवन के हर क्षेत्र में आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी भी होंगी। यह कार्यक्रम आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक और स्वास्थ्य सशक्तिकरण का भी माध्यम बनेगा।”
पिछड़े गांवों को समृद्ध करने की मुहीम :
2015 से ट्रांसफ़ॉर्म रूरल इंडिया (TRI), जो एक development design संस्था है, देश के सबसे पिछड़े 1 लाख गांवों को समृद्ध और विकसित बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी मिशन को आगे बढ़ाते हुए ‘मेरा भारत’ (Million Entrepreneurs for Resilience and Abundance in Bharat) कार्यक्रम एक बड़ा कदम साबित होगा। आने वाले तीन वर्षों में इस पहल के तहत झारखंड और मध्य प्रदेश की 10,000 ग्रामीण महिलाओं को औपचारिक और बढ़ने योग्य (स्केलेबल) उद्यम स्थापित करने के लिए तैयार किया जाएगा। यह कार्यक्रम महिलाओं को न केवल आर्थिक रूप से सशक्त करेगा, बल्कि उन्हें सामाजिक और स्वास्थ्य से जुड़ी जागरूकता देकर आत्मनिर्भर बनने में भी मदद करेगा। इस पहल से विशेष रूप से स्वयं सहायता समूहों (SHGs) से जुड़ी, तथा एससी/एसटी/ओबीसी जैसी हाशिये पर रहने वाली समुदायों की महिलाओं को बड़ा फायदा मिलने वाला है। यहां उन्हें कौशल, प्रशिक्षण, बाज़ार से जुड़ाव और वित्तीय समझ का सहारा मिलेगा ताकि वे अपने और अपने परिवार के लिए एक सुरक्षित एवं बेहतर भविष्य बना सकें।
इंडसइंड बैंक के सहयोग से चल रहा यह कार्यक्रम महिलाओं को कौशल, मार्गदर्शन और संसाधनों से जोड़कर उन्हें एक स्वस्थ, जागरूक और मजबूत ग्रामीण समाज का नेतृत्व करने में सक्षम बनाएगा।

