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Health & DiseasesMental Health & Meditation

शोध: पुराने दर्द से बढ़ रहा अवसाद, Mental Health पर गहरा असर

Sehatnama desk
Last updated: 2026/05/11 at 2:23 PM
By Sehatnama desk
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2 Min Read
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Highlights
  • शोध में यह भी सामने आया है कि मस्तिष्क की प्रतिरक्षा कोशिकाएं और न्यूरॉन्स के बीच होने वाले बदलाव दर्द और अवसाद के बीच संबंध को और मजबूत बनाते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि शुरुआती चरण में सही इलाज और मानसिक सहयोग दिया जाए तो स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

पुराने शारीरिक दर्द जो बार-बार आपको आहत कर रहे हैं, ये आपके अवसाद या डिप्रेशन का कारण भी बन सकते हैं। हाल ही में सामने आए एक अध्ययन में यह पाया गया है कि क्रॉनिक पेन यानी लंबे समय तक रहने वाला दर्द धीरे-धीरे अवसाद (डिप्रेशन) का कारण बन सकता है। शोधकर्ताओं के अनुसार, यह बदलाव सीधे मस्तिष्क की संरचना और कार्यप्रणाली से जुड़ा है।

अध्ययन में बताया गया कि हिप्पोकैम्पस नामक मस्तिष्क का हिस्सा, जो याददाश्त और भावनाओं को नियंत्रित करता है, लगातार दर्द की स्थिति में प्रभावित होने लगता है। शुरुआती चरण में यह हिस्सा आकार में बढ़ सकता है। हालांकि, समय के साथ इसमें सिकुड़न आने लगती है, जो अवसाद के लक्षणों को बढ़ावा देती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक दर्द सहने वाले लोगों में तनाव, चिंता, नींद की समस्या और सामाजिक दूरी जैसी मानसिक परेशानियां हो सकती हैं। यही कारण है कि क्रॉनिक पेन को अब केवल शारीरिक समस्या नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर स्थिति के रूप में देखा जा रहा है।

शोध में यह भी सामने आया है कि मस्तिष्क की प्रतिरक्षा कोशिकाएं और न्यूरॉन्स के बीच होने वाले बदलाव दर्द और अवसाद के बीच संबंध को और मजबूत बनाते हैं। वैज्ञानिकों के अनुसार, यदि शुरुआती चरण में सही इलाज और मानसिक सहयोग दिया जाए तो स्थिति को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

डॉक्टरों का कहना है कि गठिया, माइग्रेन, पीठ दर्द, नसों के दर्द या चोट के बाद लंबे समय तक रहने वाला दर्द व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता और याददाश्त को भी प्रभावित कर सकता है। कई मरीज रोजमर्रा के छोटे-छोटे निर्णय लेने में भी कठिनाई महसूस करते हैं। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि किसी व्यक्ति को तीन महीने या उससे अधिक समय तक लगातार दर्द बना रहता है, तो उसे केवल दर्द निवारक दवाओं पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श, नियमित व्यायाम, योग, पर्याप्त नींद और संतुलित जीवनशैली भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकते हैं।

TAGGED: brain health, chronic pain and depression, Health News Hindi, mental stress, क्रॉनिक पेन, डिप्रेशन, मस्तिष्क पर दर्द का असर, मानसिक स्वास्थ्य, लंबे समय तक दर्द, हिप्पोकैम्पस
Sehatnama desk May 11, 2026 May 11, 2026
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