रिम्स के रिडेवलपमेंट प्लान के तहत सभी हॉस्टलों को एक जगह शिफ्ट किया जाएगा। साथ ही 1600 बेड के इनडोर क्षेत्र का भी नवीनीकरण होगा। इसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को रिडेवलपमेंट प्लान जल्द-से-जल्द तैयार करने को कहा। उन्होंने कहा कि पुननिर्माण के बाद रिम्स देश के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में खास स्थान रखेगा।
इसको लेकर उन्होंने सोमवार (20 जनवरी, 2025) को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण और वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति और योजनाओं पर चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने रिम्स (राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान), रांची के पुनर्विकास और विस्तार की कार्य योजना की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रिम्स के लिए एक विस्तृत मास्टर री-डेवलपमेंट प्लान तैयार करें, जिसमें भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक सुविधाएं शामिल हों।
री-डेवलपमेंट की प्राथमिकताएं:
- रिम्स के सभी हॉस्टलों को एक जगह पर शिफ्ट करने की तैयारी
- रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स को नॉर्थ ब्लॉक में स्थानांतरित करना।
- 1600 बेड वाले इनडोर क्षेत्र का नवीनीकरण।
- वाटर लॉगिंग रोकने के लिए बेसमेंट क्षेत्र को सील करना।

रांची और डाल्टनगंज में दो-दो हॉस्टल प्रस्तावित
- रांची में दो हॉस्टल (525 छात्राओं और 525 छात्रों के लिए)।
- डाल्टनगंज में दो हॉस्टल (प्रत्येक 525 छात्रों के लिए)।
- निर्माण कार्य अगले एक महीने में शुरू होगा।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी हॉस्टल्स में बाउंड्री वॉल, सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मी, रसोईघर, और आवश्यक फर्नीचर जैसी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही, निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।
वन क्षेत्र में विकास कार्यों की बाधाएं होंगी दूर
मुख्यमंत्री ने वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों के विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को शीघ्र दूर करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बैठक में दिए निर्देश:
- वन क्षेत्रों में बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास।
- मधुबन से पारसनाथ हिलटॉप तक सड़क के पुनर्निर्माण में तेजी।
- वन विभाग के नियमों के कारण रुके हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करना।
- ग्रामीण क्षेत्रों में सभी बुनियादी सुविधाओं को उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव अजय कुमार सिंह, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के सचिव कृपानंद झा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


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