रांची: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), झारखंड और पिरामल फाउंडेशन के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में तकनीकी सहयोग और उसे अमली जामा पहनाने के लिए मैदान पर उठाए जाने वाले कदम को लेकर तीन साल का गैर-वित्तीय (Non-Financial) एमओयू किया गया है। NHM, झारखंड की ओर से स्वास्थ्य निदेशक डॉ. प्रभात कुमार तथा पिरामल फाउंडेशन की ओर से CXO अक्षत शुक्ला द्वारा एमओयू पर हस्ताक्षर किया गया।
इस समझौते के तहत पिरामल फाउंडेशन NHM को मातृ स्वास्थ्य एवं मातृत्व सुरक्षा, बाल स्वास्थ्य, प्रोक्योरमेंट, वित्त, सप्लाई चेन मैनेजमेंट, मानव संसाधन एवं कम्यूनिकेबल डिजीज से बचाव तथा जांच आदि के क्षेत्र में तकनीकी सहयोग करेगा। कम्यूनिकेबल डिजीज जैसे- ट्यूबरोक्लोसिस (TB), कालाजार, फाइलेरिया और मलेरिया जैसे रोगों की रोकथाम और जांच में यह एमओयू काफी सहयोगी होगा।
इसके साथ ही, राज्य के लक्षित 11 जिलों में फील्ड इंप्लीमेंटेशन को मजबूत करने तथा विभिन्न आउटरीच गतिविधियों, जैसे- स्वास्थ्य केंद्रों, ग्राम स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (VHND) और सहिया दीदी के माध्यम से संचालित कार्यक्रमों आदि में भी यह संस्थान राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की मदद करेगा।
यह समझौता तीन वर्षों के लिए प्रभावी रहेगा, जिसे आपसी सहमति के आधार पर आगे बढ़ाया जा सकता है। MOU हस्ताक्षर एवं आदान-प्रदान कार्यक्रम में शशि प्रकाश झा, अभियान निदेशक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड, केवल कृष्ण कुमार, प्रशासी पदाधिकारी, गुरफान अहमद एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

