जाले, दरभंगा। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), जाले में मशरूम उत्पादन एवं व्यवसायिक खेती विषय पर आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुक्रवार को संपन्न हो गया। 10 से 14 अगस्त 2026 तक चले प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 26 प्रशिक्षुओं ने भाग लिया। समापन समारोह में सभी प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
प्रशिक्षुओं को कृषि विज्ञान केंद्र की इंजीनियरिंग विंग की निधि कुमारी, कीट प्रबंधन विशेषज्ञ डॉ. अभिषेक राणा, प्रक्षेत्र प्रबंधक डॉ. चंदन कुमार और सहायक संजीव कुमार ने प्रमाण पत्र वितरित किए।
प्रशिक्षण के दौरान पांच दिनों में मशरूम उत्पादन की तकनीक, व्यवसायिक संभावनाओं और स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी गई। कृषि वैज्ञानिक डॉ. अभिषेक राणा ने मशरूम उत्पादन में कृषि विज्ञान केंद्र की भूमिका, स्पॉन उत्पादन तकनीक, ऑयस्टर एवं दुधिया मशरूम उत्पादन, बटन मशरूम उत्पादन, ऑयस्टर मशरूम की स्पॉनिंग, फसल प्रबंधन, प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन से जुड़ी तकनीकी जानकारी दी।

बीज उत्पादन व खाद बनाने की विधि भी सिखाई गई
प्रशिक्षुओं को मशरूम उत्पादन की पूरी प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। इसमें स्पॉन तैयार करने से लेकर मशरूम उत्पादन के लिए खाद तैयार करने, स्पॉनिंग और मशरूम उत्पादन किट तैयार करने की प्रक्रिया शामिल रही। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को उत्पादन के साथ-साथ मशरूम को व्यवसाय के रूप में विकसित करने और मूल्य संवर्धन के माध्यम से आय बढ़ाने के तरीकों की भी जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान उद्यान विभाग की भूमिका और मशरूम व्यवसाय के लिए उपलब्ध योजनाओं तथा उन पर मिलने वाली सब्सिडी की भी जानकारी दी गई। प्रशिक्षुओं ने मशरूम उत्पादन को कम लागत में स्वरोजगार शुरू करने के एक संभावित माध्यम के रूप में अपनाने में रुचि दिखाई।
प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रशिक्षुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। कई प्रशिक्षुओं ने मशरूम उत्पादन को स्वरोजगार के रूप में अपनाने तथा अपने आसपास के लोगों को भी इसकी तकनीक और संभावनाओं के प्रति जागरूक करने की बात कही। डॉ. अभिषेक राणा ने कहा कि प्रशिक्षण समाप्त होने के बाद भी यदि किसी प्रशिक्षु को मशरूम उत्पादन से संबंधित तकनीकी मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है, तो कृषि विज्ञान केंद्र, जाले की ओर से हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। मौके पर कृषि विज्ञान केंद्र जाले के वरीय वैज्ञानिक सह अध्यक्ष डॉ. दिव्यांशु शेखर ने किसानों को स्वरोजगार से जुड़ने के लिए शुभकामनाएं दीं।

