डेंगू (Dengue) और मलेरिया के मामले पिछले कुछ दिनों से काफी बढ़ गए हैं। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के आंकड़ों के अनुसार भारत में अब तक 94 हजार से अधिक मामले आ चुके हैं। जिनमें से 91 लोगों की मौत हो चुकी है। डेंगू के सर्वाधिक मामले वाले राज्यों में केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र में हैं जहां 9000 से ज्यादा मामले देखे गए हैं। इसके बाद असम, तेलंगना, उत्तर प्रदेश, ओड़िशा आदि का नंबर है, जहां इस साल में 5 से 6 हजार मरीज संक्रमित हो चुके हैं। बिहार की बात करें तो अब तक मामले तो 2500 से थोड़े ही ज्यादा हैं, पर मरने वालों की संख्या केरल और उत्तराखंड के बाद तीसरे नंबर पर है। केरल में डेंगू से इस साल अब तक 9770 मामले आए हैं, जिनमें 37 लोगों की मृत्यु हो चुकी है।
उत्तराखंड में अब तक 1588 मामले सामने आए हैं जबकि मरने वालों की संख्या 14 तक पहुंच गई है। बिहार की बात करें तो कुल मामले 2515 सामने आए हैं, सात लोग अब तक सूबे के इस साल काल के गाल में समा चुके हैं। ऐसे में सरकारी स्तर पर मिलने वाली मदद के भरोसे नहीं बैठा जा सकता है। बेहतर होगा आप अपना ख्याल खुद रखें और थोड़ी सावधानी बरतकर व हमारे आसपास आसानी से उपलब्ध फल और सब्जियों का सेवन कर इस बीमारी से बचा जाए। यदि समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और लक्षण दिखने पर प्लेटलेट्स काउंट की जांच जरूर करा लें।
- आयुर्वेद और नेचुरेलोपैथी के ये नुस्खे कारगर साबित होंगे। बशर्ते कि आप उसका सीमित मात्रा में डॉक्टरी सलाह पर सेवन करें।
- तुलसी की पत्ते, काली मिर्च, सौंठ, इलायची और थोड़ा-सा गुड़ पानी में उबालकर तैयार काढ़ा पीएं
- तुलसी के पत्तों में अदरक का रस और शहद मिलाकर पीएं
- तुलसी, अदरक, काली मिर्च डालकर हर्बल चाय पीएं
- तुलसी के पत्तों को पानी में उबालकर शहद मिलाकर पीएं
- लौंग और इलायची का काढ़ा लाभकारी होगा
- मेथी के पत्ते या बीज को पानी में करीब एक घंटा भिगोकर काढा बना पीएं
- अमृत या गिलोय का काढा गुड़ मिलाकर पीना भी फायदेमंद है
- ऐलोवेरा का रस, पपीते के पत्तों का रस मिलाकर पीना फायदेमंद
- पपीते के पत्तों को पीसकर रस को दिन में दो बार 2-3 चम्मच लें या पत्तों को उबाल कर काढ़ा बनाकर पीएं
- गिलोय का जूस, केसर गुगल और योगराज गुगल मिलाकर सेवन करें
- अनार का जूस पीने से शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति जल्द होगी
- मेथीदाने और तुलसी के पत्तों का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं
- दिन में दो बार थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बकरी का दूध चुटकी भर हल्दी मिलाकर पी सकते हैं
- अमरूद के पत्तों का काढ़ा भी फायदेमंद है, पर इसकी भी मात्रा सीमित होगी
- किशमिश को भिगोकर तैयार जूस दिन में एक से दो बार ले सकते हैं।
- अनार, अंगूर और संतरे का जूस मिलाकर पीएं। ध्यान दें कि जूस घर में ही निकालें। बाहर से लाया हुआ जूस हो सकता है कि हाईजेनिक न हो।
- नारियल पानी में नीबू का रस मिलाकर पीएं

तरल, ताजा और सुपाच्य भोजन जरूरी:
डेंगू बुखार होने डॉक्टर तरल और सुपाच्य आहार को ही तरजीह देने हैं। जूस, नारियल पानी, के साथ-साथ पतली-पतली खिचड़ी, दलिया, बाॅयल्ड वेजिटेबल, दाल का पानी, वेजिटेबल सूप, फल और उनके जूस, जौ का पानी दिया जा सकता है। इसके अलावा दिन में एकाध बार 1/2 से 1 कप दूध, अदरक-इलायची वाली चाय दी जा सकती है। ध्यान रहे वो आराम से जितना खा सकें उतना ही दें।
अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दें:
- बुखार से बचने के लिए जरूरी है अपने घर के आसपास पानी जमा न होने दिया जाए और आवश्यक साफ-सफाई रखें। ये मच्छर गंदगी और आसपास जमा पानी में ही पनपते हैं। सबसे पहले अपने घर में कूलर ओर गमलों आदि में पानी इकट्ठा न होने दें। गड्ढे वगैरह हो तेा मिट्टी व पत्थर से भर दें।
- नालियों गटर में नियमित तौर पर डीडीटीए बीएचसी पाउडर जैसे कीटनाशक दवाइयों का छिड़काव करें।
- घर के अंदर तुलसीए पुदीनाए अजवायन मेंहदी लेमन ग्रास गेंदा चमेली जैसे औषधीय पौधे लगाएं। इनकी महक से मच्छर दूर भागते हैं।
- घर में मच्छर कॉयल का प्रयोग करें जिससे मच्छर घर से बाहर भाग जाएं। मच्छरों के प्रवेश को रोकने के लिए घर के दरवाजों खिड़कियों पर जाली लगवाएं।
- सोते समय मच्छरदानी जरूर लगा कर सोएं।
- सबसे जरूरी है कि मच्छर काटने से बचा जाए। इसके लिए आप अपने शरीर को कवर करके रखें, पूरी बाजू और पूरी पैंट पहने। मुंह एवं हाथों व शरीर के दूसरे खुले अंगों पर क्रीम या सरसों, नीम, नीबू या लैवेंडर का तेल लगाएं।

